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“गुवाहाटी हाईकोर्ट ने फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें असम के एक निवासी को विदेशी घोषित किया गया था. इस व्यक्ति ने…”

“लेखक के बारे मेंराहुल महाजनराहुल महाजन नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह पंजाब, हरियाणा और हिमाचल जैसे…”


Tin liên quan

1. NRC, वोटर ID, पैन कार्ड समेत दिखाए 15 सबूत, फिर भी कोर्ट ने नहीं माना भारतीय नागरिक, बताया- विदेशी

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें असम के एक निवासी को…

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2. असम के दिहाड़ी मजदूर ने पैन कार्ड समेत 15 दस्तावेज दिखाए, फिर भी साबित नहीं कर पाया अपनी नागरिकता, जानें वजह

लेखक के बारे मेंराहुल महाजनराहुल महाजन नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर…

Nguồn: Navbharat Times

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3. NRC से लेकर वोटर लिस्ट तक… 15 दस्तावेज किया पेश; फिर भी नहीं साबित हुई भारतीय नागरिकता, जानें क्यों

असम में नागरिकता साबित करने की जंग एक बार फिर चर्चा में है। 15 दस्तावेज, 1951 के एनआरसी रिकॉर्ड,…

Nguồn: Live Hindustan

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NRC, वोटर ID, पैन कार्ड समेत दिखाए 15 सबूत, फिर भी कोर्ट ने नहीं माना भारतीय नागरिक, बताया- विदेशी

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें असम के एक निवासी को विदेशी घोषित किया गया था. इस व्यक्ति ने अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए 15 अलग-अलग दस्तावेज पेश किए थे. लेकिन हाईकोर्ट ने इन सभी को कानूनी रूप से अमान्य या नागरिकता साबित करने के लिए नाकाफी करार दिया. और पढ़ेंगुवाहाटी के पास किराए के मकान में रहने वाले इस शख्स ने कोर्ट में कई कागजात सौंपे थे. इनमें 1951 का राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC), 1966 से लेकर अब तक की कई वोटर लिस्ट, 1973 के जमीन के कागजात, पैन कार्ड और वोटर आईडी (EPIC) शामिल थे.हालांकि, अदालत के मुताबिक याचिकाकर्ता विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 9 के तहत ये साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा कि वो एक भारतीय नागरिक है.सभी 15 दस्तावेजों को कोर्ट ने किया खारिजहाईकोर्ट के जस्टिस कल्याण राय सुराना और जस्टिस शमीमा जहां की बेंच ने इन सभी दस्तावेजों को खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि 1951 का NRC रिकॉर्ड कंप्यूटर से निकाला गया था, जिसे कान…

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असम के दिहाड़ी मजदूर ने पैन कार्ड समेत 15 दस्तावेज दिखाए, फिर भी साबित नहीं कर पाया अपनी नागरिकता, जानें वजह

लेखक के बारे मेंराहुल महाजनराहुल महाजन नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह पंजाब, हरियाणा और हिमाचल जैसे राज्यों की खबरें कवर करते हैं। पत्रकारिता में उनका अनुभव 12 साल से अधिक का है। राहुल महाजन ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। इससे पहले उन्होंने न्यूज़18 हिंदी में छह साल तक बतौर वरिष्ठ संवाददाता काम किया। 2014 में जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। वहां उन्होंने बतौर कॉपी एडिटर काम किया। दो साल तक टीवी में काम करने के बाद राहुल ने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। 2016 से अब तक यह सफर लगातार जारी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वह @rahuljuly14 के नाम से सक्रिय हैं। विशेषज्ञता: पंजाब, हरियाणा और हिमाचल की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को राहुल महाजन रिपोर्ट करते हैं। उन्होंने हरियाणा और हिमाचल में हुए विधानसभा चुनावों को कवर किया है। इसके सा…

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NRC से लेकर वोटर लिस्ट तक… 15 दस्तावेज किया पेश; फिर भी नहीं साबित हुई भारतीय नागरिकता, जानें क्यों

असम में नागरिकता साबित करने की जंग एक बार फिर चर्चा में है। 15 दस्तावेज, 1951 के एनआरसी रिकॉर्ड, पिता-दादा के नाम वाली मतदाता सूचियां, स्कूल प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, ईपीआईसी और पिता की मौखिक गवाही, इतने साक्ष्य जमा करने के बावजूद एक दिहाड़ी मजदूर को विदेशी न्यायाधिकरण ने विदेशी घोषित कर दिया था। अब गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने भी इस फैसले को बरकरार रखते हुए कहा है कि याचिकाकर्ता अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने में पूरी तरह विफल रहा।

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